थोड़ा-थोड़ा खाना खाने जैसा नहीं लगता। मुट्ठी भर मूँगफली, केक का किनारा, बच्चे की plate में बचा खाना। लेकिन दिन के आख़िर तक यह 300 या 400 kcal हो सकता है, जिसे किसी ने log नहीं किया।
हम ऐसा क्यों करते हैं
- सामने रखा खाना: मेज़ पर डिब्बा और counter पर खुला पैकेट हाथ को बुलाते हैं।
- खानों के बीच लंबा gap: भूख जल्दी आती है और कुतरने में बदल जाती है।
- बोरियत, थकान और stress: खाना एक break बन जाता है।
- खाना बनाते समय: बार-बार चखना भी गिना जाता है।
कैसे कम करें
- नज़र से हटाएँ: मिठाई और chips अलमारी में रखें, फल सामने।
- ठीक से खाना खाएँ: protein और सब्ज़ियों के साथ, बीच की भूख कम होती है।
- बैठकर और plate में खाएँ: खाना है तो पैकेट से सीधे खाने के बजाय एक portion निकालें।
- पहले खुद से पूछें: भूख है या craving? अगर craving है, कुछ मिनट रुकें और देखें कि गुज़रती है या नहीं।
- खाना बनाते समय छोटे चम्मच से चखें और सिर्फ़ ज़रूरत भर।
ज़ीरो होना ज़रूरी नहीं
अगर आपको थोड़ा-थोड़ा खाना पसंद है, तो उसे plan करें: दिन में एक छोटा portion रखें और log करें। दिक्कत वह खाना है जो किसी को दिखता नहीं।
यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है और डॉक्टर या dietitian की सलाह की जगह नहीं लेती।