दो खानों में एक जैसी 500 kcal हो सकती है और फिर भी वे आपको बिल्कुल अलग हालत में छोड़ सकते हैं। एक थाली भर देता है और रात के खाने तक साथ देता है; दूसरा हथेली में समा जाता है और कुछ मिनट में ख़त्म। फ़र्क है calorie density का: खाना जितनी जगह घेरता है, उसमें कितनी कैलोरी है।
कम density: भरपूर खाएँ
- सब्ज़ियाँ, पत्तेदार सब्ज़ियाँ और सलाद।
- पूरे फल।
- सूप और रसम।
- दालें।
- कम चर्बी वाला मीट, अंडे और सादा दही।
ज़्यादा density: थोड़ा संभलकर
- तली चीज़ें, chips और बिस्किट।
- मिठाई, chocolate और केक।
- मेवे, cheese और तेल-घी: सेहतमंद, लेकिन थोड़ी मात्रा में भी बहुत कैलोरी।
रोज़ इसका इस्तेमाल कैसे करें
- खाने की शुरुआत सलाद या सूप से करें।
- सब्ज़ियों से dishes की मात्रा बढ़ाएँ: दाल में ज़्यादा लौकी, पुलाव में ज़्यादा गाजर।
- हटाने की बजाय बदलें: chips की जगह घर का popcorn, packaged मिठाई की जगह दही के साथ फल।
वज़न घटाने का मतलब कम खाना ही नहीं है। इसका मतलब सही खाना ज़्यादा खाना भी हो सकता है।
यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है और डॉक्टर या dietitian की सलाह की जगह नहीं लेती।