हर सोमवार बहुत लोग perfect diet शुरू करते हैं: न चीनी, न ब्रेड, न cold drink, नई gym membership और रोज़ तीन लीटर पानी। गुरुवार तक plan ख़त्म हो चुका होता है। दिक्कत इच्छाशक्ति में नहीं, बदलाव के आकार में है।
आदत कैसे बनती है
Researchers ने नई आदत बनाने वालों पर नज़र रखी और पाया कि काम को अपने आप होने में औसतन लगभग दो महीने लगे, और लोगों में बड़ा फ़र्क था। एक हौसला बढ़ाने वाली बात: कभी-कभार एक दिन छूट जाने से आदत बनने में रुकावट नहीं आई।
असल में इसका मतलब
- एक बार में एक चीज़: उस आदत से शुरू करें जिसका आपके लिए सबसे ज़्यादा असर है, जैसे जो खाते हैं उसे log करना।
- इतनी छोटी कि बहुत आसान लगे: 10 मिनट की सैर, उठते ही एक गिलास पानी।
- वही समय, वही संकेत: "चाय के बाद मैं नाश्ता log करूँगा/करूँगी"।
- अपने आप होने लगे तभी बढ़ाएँ: फिर अगला कदम जोड़ें।
एक दिन छूट गया? चलते रहें
एक बुरा दिन हफ़्तों की मेहनत नहीं मिटाता। मिटाता है उसकी वजह से छोड़ देना।
स्रोत
- Lally P, van Jaarsveld CHM, Potts HWW, Wardle J. How are habits formed: modelling habit formation in the real world. European Journal of Social Psychology. 2010;40(6):998-1009.
यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है और डॉक्टर या dietitian की सलाह की जगह नहीं लेती।