Cream biscuits, chips, cold drinks, instant noodles, nuggets और कई "ready snacks" ultra-processed होते हैं: refined चीज़ों, additives और बहुत कम असली खाने से बने factory products।
एक study ने क्या दिखाया
एक सावधानी से किए गए experiment में volunteers ने दो हफ़्ते ultra-processed खाना और दो हफ़्ते कम processed खाना खाया। दोनों में उतनी ही कैलोरी, चीनी, fat और fiber उपलब्ध थे, और हर कोई जितना चाहे खा सकता था। Ultra-processed खाने पर लोगों ने रोज़ लगभग 500 kcal ज़्यादा खाईं और वज़न बढ़ा। असली खाने पर वज़न घटा।
ऐसा क्यों होता है
- ये जल्दी और आसानी से खाए जाते हैं: कम चबाना, पेट भरने का संकेत आने से पहले ख़त्म।
- कम मात्रा में बहुत ज़्यादा कैलोरी होती है।
- चीनी, fat और नमक का ऐसा मेल कि खाते रहने का मन करता है।
बिना अति के कैसे कम करें
- हर हफ़्ते एक चीज़ बदलें: शाम के बिस्किट की जगह फल और दही, instant noodles की जगह अंडा भुर्जी और रोटी।
- थाली की नींव असली खाने से बनाएँ और packaged चीज़ों को अपवाद रखें।
- जो चीज़ आप रोक नहीं पाते, उसे घर मत लाएँ।
पूरी तरह छोड़ना ज़रूरी नहीं। Ultra-processed की जगह असली खाने का हर बदलाव budget में रहना आसान बनाता है।
स्रोत
- Hall KD, Ayuketah A, Brychta R, et al. Ultra-processed diets cause excess calorie intake and weight gain: an inpatient randomized controlled trial of ad libitum food intake. Cell Metabolism. 2019;30(1):67-77.
यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है और डॉक्टर या dietitian की सलाह की जगह नहीं लेती।