जिनके बच्चे हैं, वे जानते हैं: सबसे बड़ा ख़तरा आपकी थाली नहीं, उनकी थाली है। बची हुई pasta, tiffin में बचा बिस्किट, शनिवार की movie का popcorn। ये कैलोरी याद से तो मिट जाती हैं, पर शरीर से नहीं।
यह इतनी बार क्यों होता है
- दिन भर में कई छोटे-छोटे हिस्से।
- खड़े-खड़े, ध्यान कहीं और, बिना log किए खाना।
- बच्चों के खाने में अक्सर ज़्यादा चीनी और मैदा होता है।
काम करने वाले तरीके
- उन्हें छोटे portion दें और माँगें तो और दें। कम बचेगा।
- Table साफ़ करने से पहले बचा खाना तुरंत डिब्बे में रख दें।
- उनकी थाली से "चखने" की बजाय अपनी थाली से उनके साथ खाएँ।
- उनके snack के समय अपना snack तैयार रखें।
- रात के खाने के बाद ब्रश करें, यह संकेत कि रसोई बंद हो गई।
इसे सिखाने का मौका बनाएँ
बच्चे देखकर सीखते हैं। सामने रखे फल, मेज़ पर पानी और परिवार की थाली में सब्ज़ियाँ आपकी भी मदद करती हैं और उनकी भी। बच्चों से diet की बात करने की ज़रूरत नहीं: बस मेज़ पर जो है उसे बदल दें।
यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है और डॉक्टर या dietitian की सलाह की जगह नहीं लेती।