साल के अंत में काम की deadlines, bills, gifts और भरा हुआ calendar एक साथ आते हैं। बहुत से लोगों के लिए यही वह समय है जब खाना stress निकालने का ज़रिया बन जाता है।
शरीर में क्या होता है
Torres और Nowson की review ने दिखाया कि stress खाने का तरीका बदल देता है: बहुत से लोग ज़्यादा कैलोरी वाली, मीठी और तली हुई चीज़ें खाने लगते हैं, और भूख न होने पर भी खाते हैं। यह willpower की कमी नहीं, बल्कि stress पर एक आम प्रतिक्रिया है।
भूख है या stress?
भूख धीरे-धीरे आती है और कोई भी खाना स्वीकार कर लेती है। Stress से आई craving अचानक आती है, कोई ख़ास चीज़ माँगती है, और अगर आप उसे पूरा न करें तो कुछ मिनट में चली जाती है।
उस पल में क्या करें
- दो मिनट रुकें: गहरी साँस लें और ख़ुद से पूछें कि आप क्या महसूस कर रहे हैं।
- पानी पिएँ: इससे craving को कम होने का समय मिलता है।
- जगह बदलें: थोड़ी देर टहलना impulse को तोड़ देता है।
- खाना है तो प्लेट में लें: पैकेट से सीधे खाने के बजाय बैठकर खाएँ।
- नींद का ध्यान रखें: कम नींद stress और भूख दोनों बढ़ाती है।
Guilt की ज़रूरत नहीं
एक दिन ज़्यादा खाने से पूरा महीना ख़राब नहीं होता। असर तब होता है जब एक बुरा दिन बुरा हफ़्ता बन जाए। Log करें, आगे बढ़ें और अगले खाने से plan पर लौट आएँ।
स्रोत
- Torres SJ, Nowson CA. Relationship between stress, eating behavior, and obesity. Nutrition. 2007;23(11-12):887-894.
यह जानकारी केवल सामान्य समझ के लिए है और डॉक्टर या dietitian की सलाह की जगह नहीं लेती।